भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  रंगोली
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

जा तेहां ससुरार जाबे / छत्तीसगढ़ी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे

झन रो मोर दुलौरिन बेटी~~~~~~~~~~~~~~~
बेटी वो~~~~~~~ओ~ओ बेटी बेटी~~इ~
झन रो मोर दुलौरिन बेटी
सुन्दर खाबे कमाबे वो~
सुन्दर खाबे कमाबे वो

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
आ~~~~~~ आ~~~~~~
आ~~~~~~ आ~~~~~~

लइका पन में झूलना झूला के कोरा मा तोला खेलाएव
लइका पन में झूलना झूला के कोरा में तोला खेलाएव
फूल बरोबर जतन करेवं हाथ धर के गली मा रेंगाएव
फूल बरोबर जतन करेवं हाथ धर के गली मा रेंगाएव
आज ले वो मोर कोरा टूट गे~~~~~~~~~~~~ (सिसकी)
बेटी वो~~~~~~~ओ~हो~ (सिसकी) बेटी बेटी~~इ (सिसकी)
आज ले वो मोर (सिसकी) कोरा टूट गे
आज ले वो मोर कोरा टूट गे
इंहा के सुध झन लमाबे वो~
इंहा के सुध झन लमाबे~ (सिसकी)

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
आ~~~~~~ आ~~~~~~
आ~~~~~~ (सिसकी) आ~~~~~~

छुटत हे गाँव गली अमरईया, छुटत हे जम्मो जउरिहा
छुटत हे गाँव गली अमरईया, छुटत हे जम्मो जउरिहा
छुटत हे तोर इंहा के लागमानी, छुटत हे तोर छोटे भईया (सिसकी)
छुटत हे तोर इंहा के लागमानी, छुटत हे तोर छोटे भईया
करम ठठा के रोवय ददा दाई~~~~~~~~~~~
बेटी वो~~~~~~~ओ~हो~ (सिसकी) बेटी वो~~ (सिसकी)
करम ठठा के (सिसकी) रोवय ददा दाई~
मइके के लाज बचाबे वो~
मइके के लाज बचाबे~(सिसकी)

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
ए झन रो मोर दुलौरिन बेटी~~~~~~~~~~~~ (सिसकी)
बेटी वो~~~~~~~ओ~ (सिसकी) बेटी वो~~ (सिसकी)
झन रो मोर दुलौरिन बेटी
झन रो मोर दुलौरिन बेटी
सुन्दर खाबे कमाबे वो~
सुन्दर खाबे कमाबे

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
आ~~~~~~ आ~~~~~~
(सिसकी) आ~~~~~~ (सिसकी) आ~~~~~~

(सिसकी) सनसों तें थोरको झन करबे आही बेटी तीजा पोरा
सनसों तें
सनसों तें थोरको झन करबे बेटी बेटी~~ (सिसकी) झन रो
सनसों तें थोरको झन करबे आही बेटी तीजा पोरा
सनसों तें थोरको झन करबे आही बेटी तीजा पोरा

मोर गरीबीन तोर बर मैं हा करके रखे रइहव जोरा
मोर गरीबीन तोर बर मैं हा करके रखे रइहव जोरा
सती अनसुईया सावित्री सही वो~~~~~~~~~
बेटी वो~~~~~~~ओ~हो~~ बेटी वो~~
सती अनसुईया सावित्री सही वो~
कुल के लाज बचाबे वो~
कुल के लाज बचाबे~

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
ए झन रो मोर दुलौरिन हीरा~~~~~~~~~~~आ~ (सिसकी)
हीरा वो~~~~~~~ओ~~ (सिसकी) बेटी वो~~ (सिसकी)
झन रो मोर (सिसकी) दुलौरिन बेटी
झन रो (सिसकी) मोर दुलौरिन बेटी (सिसकी)
सुन्दर खाबे कमाबे वो~
सुन्दर खाबे कमाबे~

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
जा बेटी जा (सिसकी)
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे~
जा तेहां ससुरार जाबे~ जाबे~ (सिसकी)
जा तेहां ससुरार जाबे~
जा तेहां ससुरार जाबे~ जाबे~ (सिसकी)
जा तेहां ससुरार जाबे~