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जिस्म की भूख कहें या हवस का ज्वार कहें / अदम गोंडवी

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जिस्म की भूख कहें या हवस का ज्वार कहें ।
सतही जज़्बे को मुनासिब नहीं है प्यार कहें ।

बारहा [1] फ़र्द[2] की अज़्मत[3] ने जिसे मोड़ दिया,
हम भला कैसे उसे वक़्त की रफ़्तार कहें ।

जलते इन्सान की बदबू से हवा बोझल है,
फिर भी इसरार[4] है मौसम को ख़ुशगवार कहें ।

आर्मस्ट्राँग तो कहता है चाँद पत्थर है,
दौरे-हाज़िर[5] में किसे हुस्न का मेयार[6] कहें ।

शब्दार्थ
  1. अक्सर, प्राय:
  2. व्यक्ति, एक आदमी
  3. श्रेष्ठता, महानता
  4. हठ, आग्रह
  5. वर्तमान समय में
  6. मानक, मापदण्ड