भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जुगनू बन या तारा बन / हस्तीमल 'हस्ती'

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

 जूगनू बन या तारा बन
राहों का उजियारा बन

सुर ही तेरा जीवन है
बंसी बन या तारा बन

आवारा का मतलब जान
शौक़ से फिर आवारा बन

एक किसी का क्या बनना
दुनिया भर का प्यारा बन

सच इसां की दुनिया में
घूम रहा बेचारा बन।