भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

जुगनू भैया / प्रकाश मनु

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जुगनू भैया, जुगनू भैया
ले लो हमसे एक रुपैया।

पहले यह बतलाओ भाई,
तुमने टार्च कहाँ से पाई?

जिसको जला-बुझा करके तुम,
खेल खेलते रहते हरदम!