राजस्थानी लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
राया को जीत्यो रे, डेड़ा की हारी रे।
डेड़ा की जीती रे, राया को हारी रे।
नोट- इसी तरह इन लाइनों को सात-सात बार गाएं।
राया को जीत्यो रे, डेड़ा की हारी रे।
डेड़ा की जीती रे, राया को हारी रे।
नोट- इसी तरह इन लाइनों को सात-सात बार गाएं।