भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

ज्ञान दीप / अनन्या गौड़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

धीर हों हम, गम्भीर हों
शील हों हम, शमशीर हों
अटल हमारे इरादे हों
 टूटे न कभी वह वादे हों
मन के हम नेक हों
विचारों में सदा एक हों
बने प्रेरक समाज के
आस्था और विश्वास के
मन के हम क़ाज़ी बनें
जीत की हम बाजी बनें
रहें प्रशस्त धर्म पर
शोध करें हम मर्म पर
पावन हम सीप बनें
ज्ञान के हम दीप बनें