भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

टेलीफोन / ओम पुरोहित कागद

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


लूंठो चुगलखोर !
जको
इन्नै री बात बिन्नै करै
बिन्नै री बात इन्नै करै
अर
मिनख बावळो
इण चुगलखोर रा
पईसा भरै !