भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

तुम्हारी छुअन / कविता भट्ट

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जहाँ अर्घ्य दिए चाँद को,
वहाँ झुरमुट में चाँदनी है

अब कुछ तो राग छेड़ो,
कि यहाँ मौन रागिनी है।

तुम साँसे दहका गए हो,
तुम्हारी छुअन दामिनी है।

मुझे धीमे से कह गए हो-
यह प्रीत कस्तूरी कामिनी है।