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तुम एक उदास कविता हो / भावना मिश्र

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तुम एक उदास कविता हो
मत करो मुझसे प्रेम
ख़ुशी के ये शब्द
ठहरने वाले नहीं
तुम्हारे जीवन में,

एक दिन
तुम्हे जाना ही होगा
मुझे छोड़कर,
फिर से होने के लिए उदास,
कि उदासी ही तुम्हारा स्थायी भाव है.