भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

तू सो जा, मेरी लाडली / उषा यादव

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तू सो जा, हां सो जा, मेरी लाडली,
मेरे घर की बगिया की नन्ही कली!
सपनों की दुनिया पुकारे तुझे,
वो दुनिया बड़ी ही सुहानी-भली।
परियों के बच्चों के संग खेलना,
तू भी उनके जैसी है नाजों-पली।
नयन मूंद झट से, न अब बात कर,
सोया शहर, सोई है हर गली!