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दगा दे के ना हो स्याम दगा दे के ना / महेन्द्र मिश्र

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दगा दे के ना हो स्याम दगा दे के ना।
स्याम गइलेंऽ मधुबनवाँ राम से दगा दे के ना।
ओही मधुबनवाँ से ऊधो बाबा अइलें
से लेइ रे अइलें ना।
ऊहो जोगिन के सनेसवा रामा से लेइरे अइलें ना।
बंसिया बजा के स्याम मोहलें परानवाँ से कहियो गइलें ना।
अपना दिलवा के बतिया राम से कहियो गइलें ना।
कहत महेन्द्र आली अइहें बनमाली तुहूँ जागे रहियो ना।
सखिया आजुए के रतिया तुहूँ जागे रहियो ना।