भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

दम्भ / विचिस्लाव कुप्रियानफ़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: विचिस्लाव कुप्रियानफ़  » संग्रह: समय की आत्मकथा
»  दम्भ



हर रात मृतक

उठ खड़ा होता है कब्र से

और छू कर देखता है कब्र का पत्थर


कहीं किसी ने

मिटा तो नहीं दिया

पत्थर पर से उसका नाम