घन घटा घेरते हैं गाते हैं
मोर अब भी छतों पे आते हैं
याने कि सृष्टि का सरगम
कम-से-कम इस जगह तो जारी है
लगेगी अगली कयामत में
यहीं नूह की नाव
इस जगह अब भी कज़ा पर हयात भारी है
घन घटा घेरते हैं गाते हैं
मोर अब भी छतों पे आते हैं
याने कि सृष्टि का सरगम
कम-से-कम इस जगह तो जारी है
लगेगी अगली कयामत में
यहीं नूह की नाव
इस जगह अब भी कज़ा पर हयात भारी है