भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

दिल के ज़ख़्म छुपाना सीख / रामश्याम 'हसीन'

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

दिल के ज़ख़्म छुपाना सीख
हँसना और हँसाना सीख

वो मारे, इससे पहले
तू उसपे मर जाना सीख

अब तक औरों को लूटा
अब तू ख़ुद लुट जाना सीख

धोखेबाज़ी, झूठ, फरेब
इन सबसे कतराना सीख

जाने को सब जाते हैं
तू इज़्ज़त से जाना सीख