दीवा बले सारी रात, मेरया जाल्मा / पंजाबी
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दीवा बले सारी रात, मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात ।
बत्तियाँ बटा रखदी, मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात ।
आवेंगा ताँ पुच्छ लवांगी, मेरया जाल्मा
कित्थे गुज़ारी सारी रात ।
बत्तियाँ बटा रखदी, मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात ।
आवेंगा ताँ बुज्झ लवांगी, मेरया जाल्मा
कित्थे गुज़ारी सारी रात ।
दीवा बले सारी रात, मेरया जाल्मा
दीवा बले सारी रात
भावार्थ
--' दीया रात भर जलता है, ओ मेरे ज़ालिम ! दीया रात भर जलता है । बत्तियाँ तैयार करा कर रखती हूँ, ओ
मेरे ज़ालिम ! दीया सारी रात जलता रहता है । तू आयेगा तो मैं पूछ लूंगी, ओ मेरे ज़ालिम ! कहाँ बिताई सारी
रात ? बत्तियाँ तैयार करा कर रखती हूँ, ओ मेरे ज़ालिम ! दीया सारी रात जलता रहता है । तू आयेगा तो मैं
समझ जाऊंगी, ओ मेरे ज़ालिम ! कहाँ बिताई सारी रात ? यह दीया रात भर जलता है, ओ मेरे ज़ालिम !
दीया सारी रात जलता रहता है ।