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देव खितरपाल घड़ी-घड़ी का विघ्न टाल / गढ़वाली

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

देव खितरपाल[1] घड़ी-घड़ी का विघ्न टाल
माता महाकाली का जाया[2] चंड भैरों[3] खितरपाल
प्रचंड भैरों खितरपाल, काल भैरों खितरपाल
माता महाकाली का जाया, बूढ़ा महारुद्र का जाया

शब्दार्थ
  1. क्षेत्रपाल
  2. पुत्र
  3. भैरव