भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
धन-जन-कविता सुंदरी / हनुमानप्रसाद पोद्दार
Kavita Kosh से
हिन्दी शब्दों के अर्थ उपलब्ध हैं। शब्द पर डबल क्लिक करें। अन्य शब्दों पर कार्य जारी है।
(राग देश-तीन ताल)
धन-जन-कविता सुंदरी, चहौं न मैं जगदीस।
बनी रहै प्रति जन्म में भक्ति अहैतुकि, ईस॥