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धम्मक धम्मक धम / श्रीप्रसाद

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चल रे घोड़े, चल अलमोड़े
तुझ पर बैठे हम
धम्मक धम्मक धम

सौ लड्डू ले, बमबम बोले
खीर न देना कम
धम्मक धम्मक धम

कहते चाचा, दिखा तमाचा
करो नहीं ऊधम
धम्मक धम्मक धम

लेकर बिल्ली, जाता दिल्ली
चूहा चढ़ टमटम
धम्मक धम्मक धम

नाचे बंदर, घर के अंदर
ढोल बजा ढमढम
धम्मक धम्मक धम

उछल-उछलकर मेंढक टर-टर
कहता-बादल थम
धम्मक धम्मक धम

शेर गरजता, गधा न डरता
चरता घास नरम
धम्मक धम्मक धम।