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नया-नया स्कूल खुला है / रमेश तैलंग

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नया-नया स्कूल खुला है
चलो पढ़ाई करने को।
छोड़ो झगड़ा, वक्त पड़ा है
बहुत लड़ाई करने को।

क ख ग से क्ष त्र ज्ञ तक?
जल्दी-जल्दी पढ़ना है,
ए बी सी डी पढ़कर हमको
सबसे आगे बढ़ना है,
पढ़-लिखकर ही लोग मिलेंगे
हमें बड़ाई करने को।

अम्माँ को भी, बापू को भी
अलग-अलग समझााना है,
अपढ़ नहीं रह जाएँ वे,
स्कूल उन्हंे पहुँचाना है,
छोटों को ही आना होगा
अब अगुआई करने को।

रहे अँगूठाछाप बहुत दिन
तक, अपने ये घर वाले,
पर अब जोत जगाँगे
अक्षर की हम अक्षर वाले,
सही रास्ता दिखलाएँगे
सही कमाई करने को।