भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  रंगोली
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

नीळो तरबूजो केतरो सुहावणो लगऽ / निमाड़ी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

नीळो तरबूजो केतरो सुहावणो लगऽ
तागली जो घड़जे सोनी भाई, चांद का उजाळऽ
परण्यो निरखऽ दिवला री जोत।
नीळो तरबूजो केतरो सुहावणो लगऽ
हार जो घड़जो सोनी भाई चांद का उजाळ
परण्यो निरखऽ दिवला री जोत।
नीळो तरबूजो केतरो सुहावणो लगऽ