भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

पक्षियों के पास होता है घोंसला / इवान बूनिन

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: इवान बूनिन  » संग्रह: चमकदार आसमानी आभा
»  पक्षियों के पास होता है घोंसला

पक्षियों के पास होता है घोंसला
जानवरों के पास कोई मांद
कितना दुःख हुआ था उस दिन मुझे
जब निकल आया मैं बाहर
पिता के घर की दीवारें फांद

कहा- विदा-विदा,
मैंने बचपन के घर को

जानवरों के पास होती है मांद
पक्षियों के पास कोई घोंसला
धड़का दिल मेरा उदासी के साथ
घुसा जब अजनबी किराए के घर में
पुराना एक झोला था पास
और मन में हौसला

सलीब बना छाती पर मैंने दूर किया
जीवन के हर डर को

(25 जून 1922)

मूल रूसी भाषा से अनुवाद : अनिल जनविजय