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पठिया बोझिलेॅ नैया बीच धार आवै हे / अंगिका

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

पठिया बोझिलेॅ नैया बीच धार आवै हे
वही देखी कोसिका खलखल हाँसै हे
हँसै बड़ेला भाई मुँह-खड़ा हे पनमा
हम नै जानलियै कोसी माय
तोरोॅ नैया हे आवै
लड्डुवा बोझैली नैया बीच धार आवै हे
वही देखी कोसी मैया खलखल हाँसै हे
हँसै बड़ेला भैया मुँह खड़ा हे पनमा
हम नै जानलियौ कोसी माय
तोरोॅ नैया हे आवै ।