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पत्थर उठा लेते हैं लोग / हेमन्त श्रीमाल

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बात छोटी हो मगर अक्सर उठा लेते हैं लोग
व्यर्थ ही आकाश को सर पर उठा लेते हैं लोग

रूबरू तो मुस्कुराकर मर मिटोगे आप पर
पीठ फिरते ही मगर खंजर उठा लेते हैं लोग

उठ न जाये तर्जनी कोई हमारी ओर भी
"कैप" कुछ नीचे झुका "कॉलर" उठा लेते हैं लोग

आइना हो सामने तो मुस्कुराना चाहिए
किन्तु यह क्या? हाथ में पत्थर उठा लेते हैं लोग