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पनमा जे खाइले बूढ़ी मैयो हे... / अंगिका

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

पनमा जे खाइले बूढ़ी मैया हे सिटठिया नड़ौले हे माता।
लागी गेलै हे माता- रतन फूल बगिया
गांजवा जे पीले मालतो मैया हे
धुंइया जे उडौले हे माता
लागी गेलै हे माता रतन फूल बगिया।
हाथें धरि लेले मलिनियां गे बांस के दौउरिया गे मालिन
चली भइली मलिनियां गे दौउना फूल बगिया।
एकेॅ कोस गइली मलिनियां गे गइली दुई कोसवा गे मालिन
तेसरी कोसें मलिनियां गे दौउना फूल बगिया।
चहूँ दिस घुमै मलिनियां गे,
मिले ना दरवजवा हे माता-
मारले जे एड़िया मलिनियां गे, पैसले फुलबड़िया के
तोड़े लागले मलिनियां गे दौरी भर फुलवा
केकरा हुकुम मलिनियां गे पैसले फूलबगिया
गे मालिन केकरा हुकुम मलिनियां गे
तोड़ले पांचों फूलवा।
बेली फूल तोड़ले मलिनियां गे चमेली फूल तोड़ले गे मालिन
चम्पा तोड़तें मलिनियां गे गिरले मुरछाई।
हाथ धरि लेले बूढ़ी मैयो हे
सोवर रंग छेड़िया हे माता चली भइली- हे माता दौउना फूल बगिया।
एकेॅ कोसे गइली बूढ़ी मैयो हे- दुई कोसें गइली हे माता-
तेसरी कोसें हे माता रतन फूल बगिया।
एक छड़ी मारले बूढ़ी मैयो हे।
दूई छड़ी मारले हे माता- तेसरी छड़ी हे माता मलिनियां गूरमइलै।
बेली फूल तोड़ले मलिनियां गे चमेली फूल तोड़ले-
गे मालिन चम्पा तोड़ी मलिनियां गे घर घूरी अइले।