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परचार / सुधीर कुमार 'प्रोग्रामर'

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टीबी नं बीबी सं दूर करी देलक
पैसा के थैला में भूर करी देलकै।

परचारोॅ मं देखी कं खेत बेची लानलौं
बीघा के कट्टा फेरू धूर करी देलकै।
रोज-रोज गजबे-गजब परचार छै
कागज के डिब्बा मं आम के अचार छै,
केतारी के खेतोॅ मं खोजै छै ठंढ़ा
गंजी जंघिया पीन्हीं के बेचै छै अंड़ा
घरो में घूसी कं, झूठ-मूठ रूसै के
हमरा ई टी बी ने लूर करी देलकै, ...टीबी नं बीबी।