हरियाणवी लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
पहला फेरा लीजिए दादा की है पोती
दूजा फेरा लीजिए ताऊ की है बेटी
तीजा फेरा लीजिए बाबल की है बेटी
चौथा फेरा लीजिए काकै की है बेटी
पांचमा फेर लीजिए मामै की है भाणजी
छटा फेरा लीजिए नाना की है धहौती
सातवां फेरा लीजिए लाडो होई पराई