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पिता / ईमान मर्सल

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मुखपृष्ठ  » रचनाकारों की सूची  » रचनाकार: ईमान मर्सल  » पिता

(1)
सोते हुए

वे अपने होंठ कुतर रहे
उस क्रोध को दबाते हुए जिसे वह याद नहीं कर सकते
बहुत गहरे सो रहे हैं
जिन हाथों ने उनके सिर को थाम रखा है
उनके कारण वे किसी सैनिक-से दिख रहे
आधी रात ट्रकों में ऊंघते हुए
जैसे कि उन्होंने आंखें मूंद ली हो
दृश्यों की इतनी भीड़ से,
अपनी रूहों को भंवर की तरह घूमने देते
जब तक कि वे फ़रिश्तों में न बदल जाएं.

(2)
ईसीजी

मुझे डॉक्टर बनना चाहिए था
ताकि मैं अपनी आंख से पढ़ सकूं ईसीजी
और तय कर सकूं कि
थक्का महज़ बादल होता है
जिसे अगर पर्याप्त गर्मी दी जाए
तो वह साधारण आंसुओं की तरह बरस पड़ेगा .
लेकिन मैं किसी काम की नहीं
और मेरे पिता
जो अपने बिस्तर पर सो नहीं पाते थे
इस चौड़े हॉल में स्ट्रेचर पर कितना डूबकर सो रहे.

(3)
चीख़

तुम तक जाता है जो गलियारा
वह ख़ामोश औरतों से भरा हुआ है
वे कंठ पर जमा ज़ंग को खुरचने की रस्म निभा रहीं
जब वे समवेत चीखेंगी
देखेंगी, कितनी दूर तक गई उनकी चीख़.

(4)
यह अच्छा है

तुमसे अगले बेड पर जो था
लोगों के कंधे उसे क़ब्रस्तान तक ले गए हैं

यह अच्छा है तुम्हारे लिए

एक ही कमरे में
एक ही रात
मौत दुबारा नहीं आ सकती.

(5)
पोर्ट्रेट

हर डग जो भरा था मैंने, उसकी लय पर धड़कता था उनका दिल
उन्हें अब हम सिर्फ़ एक परिचित, बुझी हुई
सुगंध की तरह याद करेंगे.
गर्मियों में मेरा शॉर्ट्स पहनना शायद उन्हें पसंद नहीं था
और मेरी कविताएं भी
जिनमें कोई छंद नहीं, संगीत नहीं.
लेकिन एक से ज़्यादा बार देखा था मैंने उन्हें
भौचक
हुल्लड़ मचाते मेरे दोस्त अपने पीछे जो धुआं छोड़ जाते
उसके बीच ख़ुशी के मारे लगभग ग़श खाया हुआ.

(6)
समानता

मैं पोएट्री इन ट्रांसलेशन* ख़रीद सकूं इसके लिए
चिरनिद्रा में लीन इस शख्स ने मुझे यक़ीन दिला दिया था
कि उसकी शादी की अंगूठी अब उसकी उंगलियों में बहुत ज़्यादा कसने लगी है
जब हम जौहरी की दुकान से बाहर निकले
वह लगातार मुस्करा रहा था
इस बात पर भी, जब मैंने कहा
तुम्हारी नाक मेरी नाक से बिल्कुल नहीं मिलती.

(* विश्व कविता के अनुवाद की चर्चित पत्रिका, जो कि काफ़ी महंगी भी है।)

(7)
तुम्हारी मौत की ख़बर

मैं तुम्हारी मौत की ख़बर इस तरह सुनूंगी
जैसे मेरे साथ किया गया तुम्हारा आखि़री अन्याय.
मुझे सुकून नहीं मिलेगा जैसा कि मैंने सोचा होगा
और मैं यह यक़ीन कर लूंगी कि
तुमने मुझे उस फोड़े के इलाज का मौक़ा नहीं दिया
जो हम दोनों के बीच पनप गया था.
सुबह
मैं अपनी सूजी हुई पलकों पर अचरज करूंगी
इस बात पर भी कि
मेरे कंधे अब और झुक गए हैं.

(8)
तुमने हवास खो दिए

मैं अपने बाल पीछे बांध लेती हूं
उस लड़की जैसा दिखने की कोशिश करती हूं
जिसे एक समय तुम बहुत लाड़ करते थे.
बरसों, घर लौटने से पहले
मैं बीयर से धोती थी अपना मुंह.
तुम्हारी मौजूदगी में मैंने कभी ख़ुदा का जि़क्र तक न किया.
ऐसा कुछ नहीं तो तुम्हारी माफ़ी के क़ाबिल हो.
तुम बहुत दयालु हो, लेकिन निश्चित ही उस समय तुमने अपने हवास खो दिए होंगे
जब तुमने मुझे यह यक़ीन दिला दिया था
कि ये दुनिया एक गर्ल्‍स स्कूल की तरह है
और टीचर की लाडली बनी रहने के लिए
मुझे अपनी इच्छाओं को एक किनारे रखना होगा.

(9)
उदासीनता

सुन्न कर देने वाले झूठों से मैं अपने हाथ धोऊंगी
और उनकी आंखों के सामने ही उस मिट्टी को तपाऊंगी,
जिससे मैंने उनके सपनों का आकार बनाया था.
वह
अपनी छाती के बाईं ओर इशारा करेंगे
और मैं
नर्सों जैसी उदासीनता के साथ अपना सिर हिलाऊंगी.

कोमा ख़त्म होने से पहले ही
उन्हें यह महसूस कर लेना चाहिए
कि मरने की उनकी इच्छा
परिवार की दरारों को ढांप नहीं सकती

अंग्रेजी से अनुवाद : गीत चतुर्वेदी