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पीअरीय धोतिय, पहिरे गजमोतिया / भोजपुरी

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पीअरीय धोतिय, पहिरे गजमोतिया, कवने बनवाँ कवने बन ले ले सिकरा।
एक बेझी झरलें, दूसर बेझी झरलें, उठि गइले, उठी गइले,
उठि गइले हरना झंखाड़। मानुसदेवा, मानेसदेवा।।१।।
एक बेझी झरलें, दूसर बेझी झरलें, उठि गइले मजुर पोछियार, मानुसदेवा।
एक बेझी झरलें, दूसर बेझी झरलें, उठि गइले सुअर दन्तार, मानुसदेवा।।२।।