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पीळोडे़ परभात / महेन्द्रसिंह सिसोदिया 'छायण'

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मन रौ मीठो मोरियो,नैही रोज नचात|
आंणद हिवडै़ ऊलडै़,पीळोडे़ परभात||

फोग आकडा़ं फूठरा,बावळिया सह बात|
कर कर हरखै कोड सूं,पीळोडे़ परभात||

भींत भखारै झूंपडा़ं,छप्पर आंगण छात|
मन हरखावै मोद सूं,पीळोडे़ परभात||

कैर बोरडी़ कूमटा,हरिया हो हरसात|
अंतस देखत ऊमगै,पीळोडे़ परभात||

मगरियां मनमौहणा,सबनै हिंयै सुहात|
अणहद आंणद ऊपजै,पीळोडे़ परभात||

फबै अणूतो फूठरो,लहरियौ लहरात|
अवनी चूनड़औढियो,पीळोडे़ परभात||

घर आंगण री आपणी,औळू मन में आत|
वीरा ! तेड़ा आवजै, पीळोडे़ परभात||

भाभू मां'सा भूलग्या,तोड़ नैह किम तात|
वाट उडीकूं वीर री,पीळोडे़ परभात||

बैनां अब बिसरायगी,भूलै मत ना भ्रात|
सार संभाळ आ लेवजै,पीळोडे़ परभात||

बाखळ रोज बुहारती,पंथ निहारूं प्रात|
जामणजाया आवजै,पीळोडे़ परभात||

काठो कीनौ काळजो,ममताळी उण मात|
किणनै देवूं औळमो, पीळोडे़ परभात||

औळू हंदै आंगणै,बतळावूं कर बात|
झरणां आंख्यां में झरै,पीळोडे़ परभात||

काळी कांठळ ऊपडी़,घटा मेघ घहरात|
पळकां पाडै़ बीजळी,पीळोडे़ परभात||

कहुकै कोयल कोड सूं,गीत प्रीत रा गात|
मन नाचै बण मोरियो,पीळोडे़ परभात||

बरस किताई बीतिया,पण बीती नीं बात|
औळू आसी आपरी,पीळोडे़ परभात||