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पुरुष की स्मृति में कभी बूढ़ी नहीं होतीं लड़कियाँ / उमाशंकर चौधरी

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लड़कियाँ अपनी मौत से भी
नहीं मरती है,
पुरुष की स्मृति में
और न ही लड़कियाँ, अपनी ढलती उम्र से
होती हैं बूढी,
पुरुष की स्मृति में

यूँ पत्नियाँ, अपने घर में अक्सर
अपने पतियों पर लगातीं हैं
उसकी स्मृति के कमज़ोर होने का
आरोप
जब पुरुष भूल जाते हैं
शेविंग करवाकर सैलून से लौटते हुए,
पत्नी के बार-बार याद दिलाने के बावजूद
अपने साथ लाना एक किलो दूध और दो रूपए का कपूर

पुरुषों की स्मृति अक्सर
धोखा देती है, तब, जब
रसोई घर में अचानक एक दिन
ढूँढना पड़ जाए चायपत्ती का छोटा-सा
डिब्बा

पुरुष की स्मृति में अब भी है
उस जवान लड़की की देह
जो उसके मकान के ठीक पीछे के मकान में
रहती थी, और जिसे वह
कभी पहले, अपने बाथरूम से बाल्टी के ऊपर खड़े होकर
रोशनदान से झाँका करता था,
इस आह के साथ कि वह लड़की
जिस लोहे की रेलिंग पर
अपने दोनों स्तनों को रखकर खड़ी है,
काश वह लोहा मैं ही होता

वह लड़की जो झुककर खड़ी होती थी
अपनी बाल्कनी की रेलिंग पर और
अपने बाथरूम से झाँक रहे पुरूष को
दिखती थी उसकी छाती में सुरंग की ओर जाती
पतली-सी लकीर
उसका पिछले कई वर्षों पहले निधन हो गया था
तेज जांडिस से
लेकिन सच यह है कि आज भी
रात के घुप्प-अँधेरे में
उस पुरुष को दीखती है जस की तस
ठस्स काले साँप की तरह वह सुरंग
और वह पुरुष अपने बिस्तर पर बेचैन हो उठता है
और फिसल कर
पानी की छोटी-छोटी बूँदों की तरह
घुस जाना चाहता है भीतर
उस सुरंग में

अपनी मौत के कई वर्षों बाद भी
पुरुष की स्मृति में
न ही मर पाई और न ही
बूढ़ी हो पाई वह जवान लड़की ।
पुरुष की स्मृति में न ही
झुर्रियां पड़ पायीं छाती की उन गोरी जगहों पर
और न ही पिचक कर झूल पाए वे
कठोर स्तन आज भी

पुरुष की स्मृति में अपनी मौत के बाद भी
ज्यों की त्यों खड़ी है वह लड़की
ठीक बॉबी की डिम्पल कपाड़िया की तरह
आज के अपने वृद्ध और झुर्रीदार
शरीर के बावजूद
पुरुष की स्मृति में
जिस तरह है वह जवान लड़की और
जिस तरह है डिम्पल कपाड़िया
अपने सुडौल नितम्बों के साथ
पुरुष की स्मृति मे कभी नहीं रहती
अपनी पत्नी के जन्मदिन की
तारीख़

पुरुष की स्मृति में जब तक रहेगी
वह सुरंग
वह काला साँप
वे सुडौल नितम्ब
पुरुष की स्मृति में कभी नहीं टिक पाएगा
अपने घर पर काम करने आने वाली बूढ़ी औरत का
ठीक-ठीक नाम
रसोईघर के डिब्बे में रखी चीज़ों का
ठीक-ठीक पता
पत्नी की धीरे-धीरे गुम होती जा रही
हँसी के पीछे का कारण
और वृद्ध पिता को समय पर देनी
जांडिस की दवा