भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

प्रथम चरन गणपति को / छत्तीसगढ़ी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

प्रथम चरन गणपति को, प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।

काकर पुत्र गणपति भयो, काकर हनुमान , काकर हनुमान
काकर पुत्र भैरो, भैरो, भैरो, भैरो ।
काकर लक्षमण-राम, काकर लक्षमण-राम ,
प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।
होली है ........

गौरी के पुत्र गणपति भयो, अंजनी के हनुमान , अंजनी के हनुमान
कालका के पुत्र भैरो, भैरो, भैरो, भैरो ।
कौशिल्या के राम, कौशिल्या के राम ,
प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।
होली है ........