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प्रथम चरन गणपति को / छत्तीसगढ़ी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

प्रथम चरन गणपति को, प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।

काकर पुत्र गणपति भयो, काकर हनुमान , काकर हनुमान
काकर पुत्र भैरो, भैरो, भैरो, भैरो ।
काकर लक्षमण-राम, काकर लक्षमण-राम ,
प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।
होली है ........

गौरी के पुत्र गणपति भयो, अंजनी के हनुमान , अंजनी के हनुमान
कालका के पुत्र भैरो, भैरो, भैरो, भैरो ।
कौशिल्या के राम, कौशिल्या के राम ,
प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।
होली है ........