भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

प्रेम / कमला दास

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

जब तक नहीं मिले थे तुम
मैने कविताएँ लिखीं, चित्र बनाए
घूमने गई दोस्तों के साथ

अब
जबकि प्यार करती हूँ मैं तुम्हें
बूढ़ी कुतिया की तरह गुड़ी-मुड़ी-सी पड़ी है
तुम्हारे भीतर मेरी ज़िन्दगी
शान्त…