Last modified on 13 अगस्त 2013, at 10:34

प्रेम / धनंजय वर्मा

रेखा से
पानी का लोटा लुढ़क गया
बहता-बहता पानी
धरती के कंकर भिगो गया,
फिर सूख गया ।

अम्मा ने
रेखा को समझाया --
’पानी आबरू है बिटिया’...