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प्रेम / सुमन पोखरेल

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तिम्रा नरम नङ्हरूले जताततै छोइदेऊ
घोच मेरो मनभरि अनि तिमी आफैँ रोइदेऊ
त्यसै किन छोड्दछ्यौ मेरो मैलो मुटुलाई
तिम्रा सुकिला, कोमल गोडाले मिचीमिची धोइदेऊ