भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

बड़ा बेसुरा बाजा / प्रकाश मनु

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

टोपी पहने, माइक सँभाले
बंदर राजा आए,
खूब अकड़कर, मटक-मटककर
ढेरों गाने गाए।
हाथ जोड़कर जनता को, फिर
असली मकसद पर आए,
अपना वोट मुझी को देना
कह करके मुसकाए।

इतने में आई बंदरिया
बोली-बंदर राजा,
राजनीति में पेंच बहुत हैं
बड़ा बेसुरा बाजा।
चलकर पेड़ों की छाया में
खाएँगे मीठे फल,
बड़ा बुरा है नेताओं का
यह चुनाव का दंगल!