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बरसात / मख़दूम मोहिउद्दीन

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इन मस्त हवाओं का ये बरसात का मौसम
तन्हाई में बेयार गुजर जाए, सितम है ।

शग़ले-मय[1]-ओ-महबूब का रंगीन ज़माना
कालिज की खुराफ़ात में कट जाए, सितम है ।

आग़ाज़े-जवानी[2] के गुनाहों का तक़द्दुस[3]
और दफ़्तरे-बेमाना[4] मे दब जाए, सितम है ।

जिस पैकरे[5]-लज़्ज़त[6] से इबारत[7] है मसर्रत[8]
वो हमदमे[9]-देरीना[10] बिछुड़ जाए, सितम है ।

नौ ख़ास्ता[11] महबूब का मुँह चूमने वाले
इस रुत में ये बे बाल-ओ-परी[12], हाय सितम है ।

शब्दार्थ
  1. मदिरा का व्यसन
  2. जवानी की शुरूआत
  3. महत्ता, श्रेष्ठता
  4. निरुद्देश्य के कामों में
  5. शरीर
  6. स्वाद
  7. संबंधित
  8. आनंद
  9. मित्र
  10. पुराना
  11. नौसीखिया
  12. निस्सहायता, बेबसी