भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

बहुत मज़ा / दिविक रमेश

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आओ बूंदों
आकर मेरी क्यारी में हल चलाओ
बहुत मज़ा आएगा।

बहुत मज़ा आएगा
जब छूते हुए फसलों को
निकल जाएगी हवा
इधर से उधर।

और फसलें
बिलकुल हम बच्चों सी
खिलखिलाकर
लोटपोट हो जाएंगी।