भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  रंगोली
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

बाटऽ की लाड़न लहुरिया लियो ओ / पँवारी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

पँवारी लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

बाटऽ की लाड़न लहुरिया लियो ओ
लहुरिया लियो ओ डालो न रामुदेव दायजा
बाटऽ की लाड़न लहुर्या लियो ओ, लहुर्या लियो ओ
डालो नऽ गिरजाबाई दायजा।।
बाटऽ की लाड़न लहुर्या लियो ओ, लहुर्या लियो ओ
डालो नऽ गोविन्द देव दायजा।।
बाटऽ की लाड़न लहुर्या लियो ओ, डालो ना राधाबाई दायजा।
डालो नऽ गोरेदेव दायजा
बाटऽ की लाड़न लहुर्या लियो ओ, लहुर्या लियो ओ
डालो नऽ किसनी बाई दायजा।
बाटऽ की लाड़न लहुर्या लियो ओ, लहुर्या लियो ओ
डालो नऽ चम्पाबाई दायजा।
बाटऽ की लाड़न लहुर्या लियो ओ, लहुर्या लियो ओ
डालो नऽ लछमन देव दायजा।।