मैथिली लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
बाबा यौ पाबनि मोर लग आयल
प्रभुजी नहिए एलखिन ना
बाबा यौ साओन भादव के नदिया उमड़ल
प्रभुजी कोना कऽ औथिन ना
बेटी हे भेजबइ सोना के घोड़बा
कि प्रभुजी चढ़िकऽ औथिन ना
बाबा यौ पाबनि मोर लग आयल
प्रभुजी नहिए एलखिन ना