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बाळपणों / अजय कुमार सोनी

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बाळपणे में म्हे
माटी में खेलता
कदै ई भाजता टिब्बां माथै
कुरां-डंडो खेलता
किंकर री डाळी
दादो जूती लेय र
भाजता लारै
कोई ठोड ठिकाणों
नीं हो
जद ई तो
बाळपणों
आवै कोनीं पाछों !