भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

बिन आँखों के सपने / निदा नवाज़

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

वे आज बहुत ख़ुश
देखाई दे रहे थे
और एक-एक से कह रहे थे
कि वे अपने पड़ोसियों से
सुनहरे सपने ख़रीद लाए हैं
लेकिन वे अभी तक नहीं जान पाए थे
कि सुनहरे सपनों के बदले
वे गिरवी रख चुके थे
अपनी आँखें
और अपने बच्चों की नींदें.