राजस्थानी लोकगीत ♦ रचनाकार: अज्ञात
जागो-जागो बिंदायक बाबा थां घर राज बियाणा जी,
मोत्या रा आखा थाल भरयो छैः थां घर राज बियाणा जी,
बाज्या बाज्या नौपत बाजा, बाछी दैः शहनाई जी,
ढोल नगारा बैण्ड बाजा थां घर राज बियाणा जी।
जागो-जागो बिंदायक बाबा थां घर राज बियाणा जी,
मोत्या रा आखा थाल भरयो छैः थां घर राज बियाणा जी,
बाज्या बाज्या नौपत बाजा, बाछी दैः शहनाई जी,
ढोल नगारा बैण्ड बाजा थां घर राज बियाणा जी।