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बैल बियावै, गैया बाँझ / 66 / चन्द्रप्रकाश जगप्रिय

कौआं
कौव्वी सेॅ कहलकै-
देखैं ई आदमी केॅ
हम्मेॅ तेॅ बुतरू के रोटी छीनै छियै
आदमी बड़का सिनी के
रोजी-रोटियो छीनी लै छै।

अनुवाद:

कौवे ने
कौवी से कहा-
देखो इस आदमी को
मैं तो बच्चे की रोटी छीनता हूँ
आदमी/बड़े-बड़ों की
रोजी-रोटी छीन लेता है।