भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

बोध / दुष्यन्त

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

हिन्दी शब्दों के अर्थ उपलब्ध हैं। शब्द पर डबल क्लिक करें। अन्य शब्दों पर कार्य जारी है।

 
जब मिली धरती
आकाश से

जब बने बादल
जब निपजे
खेत में धान के मोती

जब जन्मा शिशु
माँ की कोख से

तो मुझे हुआ बोध
अपने होने का।

 
मूल राजस्थानी से अनुवाद : मदन गोपाल लढ़ा