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भालू मामा की पार्टी / संजय अलंग

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पार्टी के जब न्योते आए
भालू मामा बड़े घबड़ाए

फटाफट एक सूट सिलाया
कंघी पट्टी करके आया

सूट पहन जो टाई लगाई
साँस दबी और आँखें पलटाई

हड़बड़ में पैंट जो छूटी
ऐसे में हिम्मत जो टूटी

सूट छोड़ पाजामा पहना
पालथी मार भोजन को लेना

भालू मामा सुख को पाए
पेट भरकर घर को आए