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भालू राम टटोले / प्रभुदयाल श्रीवास्तव

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हाथी दादा लिए सूंड में,
मोबाइल, भन्नाकर बोले।
क्यों करते डिस्टर्ब बीच में,
मुझको मिस्टर राम टटोले।

नहीं देखते व्यस्त बहुत हूँ,
मेसेज मुझे ढेर आये है।
भिड़ा हुआ हूँ सुबह-सुबह से,
आधे उत्तर दे पाये हैं।
नहीं फेस बुक, अभी छुआ है,
वाट्स एप में लगा हुआ हूँ।
बार-बार तुम प्रश्न पूछते,
कोतवाल जी! क्या उत्तर दूँ?

भालू, राम टटोले बोले,
अभी व्यस्तता! बतलाता हूँ।
भड़काऊ मेसेज भेजे हैं,
तुम्हे जेल अब भिजवाता हूँ।