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मण्ढा सूतन की बखत भई ओ नारी मँझारी / पँवारी

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पँवारी लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

मण्ढा सूतन की बखत भई ओ नारी मँझारी।
सवास्या कोनऽ देव ओ नारी मँझारी।
सवास्या गोरे देव ओ नारी मँझारी।
सवासिन कोनऽ बाई ओ नारी मँझारी।
सवासिन हीराबाई ओ, नारी मँझारी।
आरू सवास्या कौन देव ओ, नारी मँझारी।
आरू सवास्या नारायण देव ओ, नारी मँझारी।
आरू सवासिन कौनऽ बाई ओ, नारी मँझारी।
आरू सवासिन जयश्री बाई ओ, नारी मँझारी।