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मध्याह्न / किरण अग्रवाल

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दोपहर में फिर दिखा सूरज मुझे
संसद भवन के चक्कर लगाता
घोटालों की दुनिया में
छुपता-छुपाता

एक मंत्री की
भारी-भरकम
कुर्सी पर बैठा हुआ ।