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मन्नै तो पिया गंगा न्हुवादे / हरियाणवी

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मन्नै तो पिया गंगा न्हुवादे जा रा सै संसार, हां ए जा रा सै संसार
तन्नै तो गोरी क्यूंकर न्हुवाद्यूं हात्तड़ पड़ री भैंस, हां ए हात्तड़ पड़ री भैंस
एक जनत पिया मैं बतलाद्यूं कर दे बेड़ा पार, हां ए कर दे बेड़ा पार
खूंटी पै मेरा दामण लटकै चंुदड़ी छापेदार, हां ए चूंदड़ी छापेदार
डब्बे में मेरी नाथ धरी सै पहर काढियो धार, हां ए पहर काढियो धार
बाहर तै एक मोडिया आया बेब्बे भिछा घाल, हां ए बेब्बे भिछा घाल
बेब्बे तो तेरी न्हाण गई सै जीज्जा काढै धार, हां ए जीज्जा काढे धार
खुंटा पड़ागी जेवड़ा तुड़ागी भाजगी सै भैंस, हां ए भाजगी सै भैंस
डंडा लैके पाछे होलिया लैण गया था भैंस, हां ए लैण गया था भैंस
गाती खुलगी पल्ला उडग्या मूंछ फड़ाके ले, हां ए मूंछ फड़ाके ले
गलियां में यो चरचा हो रही देखी मुछड़ नार, हां ए देखी मुछड़ नार
कोट्ठे चढकै रुक्कै मारे कोई मत भेज्जे न्हाण, हां ए कोए मत भेज्जो न्हाण