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माधवे तुम न तोरहु तउ हम नहीं तोरहि / रैदास

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।। राग सोरठी।।
  
माधवे तुम न तोरहु तउ हम नहीं तोरहि।
तुम सिउ तोरि कवन सिउ जोरहि।। टेक।।
जउ तुम गिरिवर तउ हम मोरा। जउ तुम चंद तउ हम भए है चकोरा।।१।।
जउ तुम दीवरा तउ हम बाती। जउ तुम तीरथ तउ हम जाती।।२।।
साची प्रीति हम तुम सिउ जोरी। तुम सिउ जोरि अवर संगि तोरी।।३।।
जह जह जाउ तहा तेरी सेवा। तुम सो ठाकुरु अउरु न देवा।।४।।
तुमरे भजन कटहि जम फाँसा। भगति हेत गावै रविदासा।।५।।